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किशनगंज में फर्जी दस्तावेज गिरोह का भंडाफोड़, किराना दुकानदार गिरफ्तार

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किशनगंज में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, किराना दुकानदार मनोहर शर्मा गिरफ्तार; पुलिस ने 400 लोगों के फर्जी आधार और सरकारी दस्तावेज बरामद किए।

किशनगंज आलम की खबर:किशनगंज। भारत-नेपाल सीमा के पास बिहार के किशनगंज जिले में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय फर्जी दस्तावेज गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जानकारी के अनुसार, गिरोह बड़े पैमाने पर फर्जी आधार कार्ड और सरकारी दस्तावेज तैयार कर रहा था। इस मामले में टेढ़ागाछ बलुआजगीर निवासी मनोहर कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब आरोपी के संपर्क में आने वाले अन्य लोगों और संभावित घुसपैठियों के बारे में जांच भी तेज कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिली थी कि टेढ़ागाछ थानाक्षेत्र में एक किराना दुकान में फर्जी प्रमाण पत्र और अवैध तरीके से आधार कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-दो के नेतृत्व में पुलिस उपाधीक्षक, थानाध्यक्ष और साइबर थाना तथा जिला सूचना इकाई (DIU) की टीम ने विशेष छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान मनोहर शर्मा के किराना दुकान से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और तकनीकी उपकरण बरामद हुए। पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास करीब 400 लोगों के नाम से तैयार फर्जी आधार कार्ड, थंब स्कैनर, फिंगरप्रिंट स्कैनर, लैपटॉप, मॉनिटर, चार्जर, बैंक मोहर, पासबुक, एटीएम कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, खतियान, एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक और एक सरपंच के मोहर सहित विभिन्न सरकारी दस्तावेज और उपकरण बरामद किए गए।

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जांच में सामने आया कि मनोहर शर्मा किसी अन्य व्यक्ति की आधार आईडी और क्लोन किए गए अंगूठों का इस्तेमाल करता था। इसके माध्यम से वह फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर 'आधार एनरोलमेंट क्लाइंट सॉफ्टवेयर' में अपलोड करता और अवैध रूप से आधार कार्ड जेनरेट करता था। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह काफी लंबे समय से अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए दस्तावेजों की तस्करी कर रहा था।

साइबर थाना और जिला सूचना इकाई की टीमें पूरे गिरोह को पकड़ने और अन्य आरोपी व्यक्तियों की पहचान के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी तरह की जालसाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस मामले में गिरफ्तार मनोहर शर्मा के खिलाफ फर्जीवाड़े, धोखाधड़ी और सरकारी दस्तावेजों की जालसाजी से संबंधित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के अन्य कारनामों का खुलासा भी जल्द ही किया जाएगा।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि किशनगंज में सीमा क्षेत्रों और साइबर क्राइम पर लगातार नजर रखी जा रही है। यह कार्रवाई न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी कामयाबी है, बल्कि यह पूरे राज्य में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोहों के लिए चेतावनी भी है।

अधिकारियों ने बताया कि अब तक मिली जानकारी के आधार पर यह गिरोह न केवल बिहार, बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी सक्रिय था। बरामद दस्तावेजों की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कितने दस्तावेज अन्य लोगों के नाम पर अवैध रूप से बनाए गए थे और इसका उपयोग अपराधों या धोखाधड़ी में हुआ है।

जिला पुलिस और साइबर थाना की संयुक्त टीम लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि ऐसे फर्जी दस्तावेजों की जड़ को पूरी तरह उखाड़ फेंका जाए। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

मनोहर शर्मा की गिरफ्तारी से किशनगंज और आसपास के जिलों में लोगों में पुलिस पर भरोसा बढ़ा है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि अब ऐसे अंतरराज्यीय गिरोहों की गतिविधियों पर लगाम लगेगी और नागरिक सुरक्षित महसूस करेंगे।

इस कार्रवाई के बाद किशनगंज पुलिस ने बताया कि उन्होंने पूरे इलाके में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है, ताकि फर्जी दस्तावेज बनाने और वितरित करने वाले अन्य गिरोहों पर भी नजर रखी जा सके।

राज्य पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं। इससे पहले, बिहार में कई मामलों में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके अपराध और धोखाधड़ी की गई थी, लेकिन किशनगंज की इस बड़ी कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब प्रशासन इस पर कड़ी नजर रखेगा।

पुलिस का यह भी कहना है कि गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तकनीकी और गुप्त जानकारी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके लिए साइबर और सीमा सुरक्षा टीमों की मदद ली जा रही है।

इस पूरी कार्रवाई ने किशनगंज जिले में सुरक्षा व्यवस्था और साइबर सुरक्षा की अहमियत को फिर से रेखांकित किया है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि ऐसे गिरोहों के खिलाफ लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि कोई भी व्यक्ति फर्जीवाड़े और दस्तावेजों की जालसाजी के जरिए लोगों को ठग न सके।

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